Hindi Sex StoriesUncategorized

Drishyam, ek chudai ki kahani-52

This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series इतना चोदा तुमने मुझको की सुध न रही मेरे तन में,यह लण्ड तेरा कैसा लण्ड है, कोई रहम नहीं उसके मन में?दिन में था बेहोशी का आलम रातों को चुदी दिन में सोई,चूत सूज गयी लहराये कदम तब कैसे भला चलता कोई? कोई काम धाम होता ही नहीं एक नशा दिमाग पे छाया है,किया प्यार मुझे इतना उसने लगता ही नहीं वह पराया है।चोदा उसने ऐसा मुझको की चूत सूजी सुध बुध खोई,इतना जालिम था वह फिर भी जब चला गया मैं खूब रोई। आरती ने रमेशजी को चोदते हुए गहरी साँसें लेते हुए हाँफते हुए कहा, “बाहर मत निकालिये। उसे मेरी चूत में जाने दीजिये। मेरी चूत में ही छोड़ दीजिये। अभी मैं सेफ हूँ। भर दीजिये चूत मेरी। वैसे तो कुछ होगा नहीं, पर अगर मैंने गर्भ भी धारण …

💬 కొత్త కథలు ,ఎపిసోడ్ అప్డేట్స్ కోసం ఏదైనా డౌట్స్ ఉంటె టెలిగ్రామ్ లో జాయిన్ అవ్వండి
📲 ఇప్పుడే మా Telegram ఛానల్‌లో చేరండి!

📢 కొత్త కథలు వెంటనే Telegramలో!
👉 మా Telegram ఛానల్‌లో చేరండి 👈

🔥 और भी हॉट हिंदी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं?
👉 यहाँ क्लिक करके बेस्ट कहानियों का कलेक्शन देखें
🔥 और भी हॉट हिंदी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं?
👉 यहाँ क्लिक करके बेस्ट कहानियों का कलेक्शन देखें
🔥 और भी हॉट हिंदी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं?
👉 यहाँ क्लिक करके बेस्ट कहानियों का कलेक्शन देखें
🔥 और भी हॉट हिंदी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं?
👉 यहाँ क्लिक करके बेस्ट कहानियों का कलेक्शन देखें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
📲 మా Telegram ఛానల్‌లో చేరండి
Join Telegram Join our Telegram Channel

Adblock Detected

please remove ad blocker