मैं अपने मामा के घर गया तो मामा की जवान बेटी की गांड को देख मेरे लंड में हलचल होने लगी. एक रात मेरी ममेरी बहन ने खुद मुझे सारी हदें पार करने पर उकसाया.
दोस्तो, मेरा नाम राजू शाह है और मैं सूरत, गुजरात में रहता हूँ. मेरी उम्र अब 30 साल है. मेरी हाइट 6 फिट, लण्ड का साईज 8 इंच है। देखने में एकदम हैंडसम हूं और फिट शरीर है मेरा. मैं रोज कसरत करता हूँ तो गठीले बदन का धनी हूँ.
यह घटना आज से 7 साल पहले की है जो मेरी और मेरे मामा की लड़की यानि कुंवारी ममेरी बहन के साथ पहले सेक्स की है. उसका नाम सुमन है और मैं प्यार से उसे पगली कहता हूँ क्योंकि वो मुझसे मिलने के लिए एकदम पागल ही रहती है. हमारी यह दास्तां काफी समय पहले शुरू हुई थी.
हम एक-दूसरे से मिलने के बाद बेइंतेहा प्यार और चुदाई करते हैं. वो तब अपनी उम्र के 20वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी थी और मैं 22-23 साल को पार कर गया था.
नैन नक्श से मेरे मामा की लड़की एक हुस्न की मल्लिका थी. मोटी मोटी जांघें, गोल मटोल गांड और हमेशा पटियाला सलवार और कुर्ते में रहने वाली एकदम सेक्सी पुड़िया लगती थी वो मुझे।
अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज में यह मेरी पहली आपबीती कहानी है. यह कोई मन-गढ़ंत कहानी नहीं है, यह हकीकत है, जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ. इसलिए कहानी को ध्यान से पढ़ें और पूरा आनंद लें.
तो जैसा कि मैंने बताया कि मैं मामा की लड़की को सबके सामने पगली कह कर ही बुलाता हूँ. वैसे मेरे मामा का दिल्ली में ही कारोबार है तो परिवार के …
Da fuori, un blog personale sembra un semplice spazio online, ma racconta molto di chi lo cura. Vale la pena approfondire il tema. consigli degli amici: quante uova alcon l'autunno, sì Anche un dettaglio trascurato, come la distanza tra i paragrafi, può cambiare il modo in cui un blog viene letto. Un ritmo visivo coerente aiuta la voce personale a emergere senza forzature e rende più naturale tornare a consultarlo.