सास चुदाई की कहानी में पढ़ें कि एक रोबीला जमींदार अपनी ससुराल गया तो अपनी सास के स्तनों की गहराई उसे भा गयी. बस उसने सास से सेक्स का ठान लिया.
लेखक की पिछली कहानी: भाई की पुत्रवधू पटा कर चुदाई
दोस्तो, यह कहानी ठाकुर बलदेव सिंह की है. ठाकुर बलदेव सिंह एक जमींदार है.
वो एक मजबूत देह का मालिक है जो 6 फुट का कद वाला और अपनी भुजाओं में एक बैल की ताकत रखने वाला मर्द है.चौड़ा सीना, रौबदार मूछें, बड़ी बड़ी आंखें, चेहरे पर एक तेज. कोई भी औरत ऐसे मर्द को देखे, तो दिल दे बैठे. और आदमी देखे, तो डर जाए.
बलदेव सिंह के परिवार में और दो लड़के है. बड़ा रोशन सिंह, छोटा सोहम.
सोहम के पैदा होने के एक साल बाद ही ठकुराईन का देहांत हो गया था.मां काफी पहले ही नहीं रही थी तो मौसी ने ही बच्चों को पाला पोसा. मौसी का नाम रूपा है.
रूपा को ठाकुर साब ससुर से बात करके और उन्हें डरा धमका कर अपने घर ले आए थे.ठाकुर का ससुर एकदम सीधा इंसान है, पर सास मानो परी हो. सास का नाम नीरजा देवी है, वो रूप की भी देवी है.
ठाकुर साब के घर में दो नौकरानियां हैं … रज्जो और जमुना. रामू ख़ास नौकर है. खेतों में उनको कमरा बना कर दिया गया है. …