This story is part of the Mera behanchod devar series
हेल्लो दोस्तों, अब आगे की कहानी पढ़िए…
अगले दिन सुबह जब मैं किचन में मम्मी पापा के लिए खाना बना रही थी, तब टोनी मेरे पास आकर बोला – भाभी आपकी बिंदू दीदी से बात हो गई है ना? अब मैं मम्मी पापा को बस स्टैंड पर छोड़ कर बिंदू दीदी को लेने जा रहा हूँ, और भईया के जाने के बाद जैसा दीदी ने कहा है वैसा ही करना। मैं अभी बिंदू को लेकर आया ठीक है।
फिर मम्मी पापा के जाने के बाद जब बिट्टू भी चले गए, तो मैं सबसे पहले नहाई और अपने जिस्म को अच्छे से साफ किया और नंगी ही आईने के सामने खडी होकर अपना मस्त और मादक जिस्म देख कर मदहोश हो गई।
मैं खुद ही अपने बूब्स मसलने लग गयी, और मेरी चूत चूदने के लिए बेकरार हो गई। तभी घर की घंटी बजी और मैंने सोचा कि बिंदू दीदी और देवर जी होंगे, और मैंने यही सोच नंगी ही दरवाजा खोल दिया।
दरवाजा खूलते ही …