अब तक की मेरी इस सेक्स कहानी के तीसरे भागपुराने साथी के साथ सेक्स-3में पढ़ा कि मैं और सुरेश एक साथ बिस्तर पर सम्भोग के लिए आ गए थे. उसी समय सुरेश का फोन दो बार बजा. लेकिन जब दूसरी बार उसने फोन उठाया, तो ये मेरी मेरी सहेली सरस्वती का फोन था. जिससे मुझे कुछ शंका हुई. जब तक सुरेश ने फोन उठाया, तब तक फोन कट गया. फिर मेरे फोन पर घंटी बजी. ये भी सरस्वती का ही फोन था.
अब आगे:
मैंने फोन उठाया, तो उधर से आवाज आई- डिस्टर्ब हो गयी … या फुरसत हो गयी?मैंने जवाब दिया- साली कुत्ती कमीनी कहीं की, इतनी रात क्यों फ़ोन किया?सरस्वती- अरे तूने बताया था न कि आज सुरेश आने वाला है तेरे घर … इसलिए सोचा कि पूछ लूं क्या चल रहा है. आखिर हम सब पुराने दोस्त जो हैं.मैं बोली- नहीं आया है.सरस्वती- झूठ मत बोल कुछ देर पहले ही बात हुई है … और अब कह रही कि नहीं आया.मैं- हां आया था … खाना खा कर चला गया.सरस्वती- तो कुछ किया नहीं, ऐसे ही चला गया वो?मैं- हां कुछ नहीं हुआ … खाना खा कर चला गया.
सरस्वती- अरे इतना अच्छा मौका था, पति भी घर पर नहीं था. मजे कर लेना था, जीजा तो तेरी इच्छा पूरी कर पाता नहीं.मैं- तो तुझे क्यों चिंता हो रही इतना … जैसा भी है मेरा पति है. तेरा …