This story is part of the Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti series
मैं योग सर की उन तविरों को देख कर जीसमे एक औरत बिलकुल मेरे जेसी दिख रही थी, खो गयी थी, मेरे दिमाग में कई सवाल घूम रहे थे।
तभी मेरे पीछे से योग सर की आवाज आयी, ” यह मेरी पत्नी कनिका थी।” उनकी अचानक पीछे की और से आकर मुझे तस्वीरों को देखते हुए पकड़ा इससे मैं थोड़ी सेहम गयी।
तब मैं समझी की योग सर मुझे इतना घूर घूर कर क्यों देख रहे थे। पर “थी” शब्द सुन कर मैं थोड़ा असमंजस में पड़ गयी। मेरे शक्की दिमाग ने फिर काम करना चालु कर दिया।
“अच्छा! तो साहब को कनिका ने तलाक दे दिया लगता है।” मैंने सोचा। पर योग ने जो कहा वह सुनकर मैं काँप उठी।योग ने मुझे शांति से सोफे पर बिठाया और बोले, “कनिका मेरी जिंदगी, मेरी सब कुछ थी। पर दुर्भाग्य ने उसको मुझसे समय से बहुत पहले छीन लिया। उसकी मौत एक कार दुर्घटना की वजह से हुई और एक राँड़, कुलटा, भ्रष्ट और अनैतिक पेशेवर स्त्री उसके लिए जिम्मेदार थी।”
मैं योग की बात सुनकर दो कारणों से स्तब्ध थी। पहला यह की, मुझे …