मैं भाभी के पास आने जाने लगा था. मेरी निगाहें भाभी के हुस्न पर थीं. वे भी मेरी नजरों की वासना को समझने लगी थीं. मैं तो बस भाभी की चूत चुदाई करना चाहता था.
मैंने दीपा भाभी को कैसे चोदा, ये बताने के लिए मैं आपका करण पुन: हाज़िर हूँ. मुझे दीपा भाभी का साथ कैसे नसीब हुआ, ये जानने के लिए आप इस कहानी की पहली कड़ीभाभी देवर के बीच की सेक्स कहानी-1को ज़रूर पढ़िए.
अब आगे:
भाभी की सेवा करने के बाद वो मुझसे काफी खुल गई थीं और मुझे भी उनके घर में जाने की बेरोक-टोक परमीशन मिल गई थी. भैया को भी जब इस घटना की जानकारी हुई, तो उन्होंने भी मुझे अपने काफी करीब कर लिया था. शायद उनको भी भाभी के अकेले रहने की स्थिति में मेरे जैसे एक भाई की जरूरत थी.
मैं और भैया भी काफी देर देर तक बातें करने लगे थे. हालांकि भैया का रहना, तो वैसे भी घर पर कम ही होता था, मगर अब तो शायद भैया भी मेरे रहने के चलते भाभी की चिंता कम करने लगे थे. वो अब अपने लम्बे लम्बे टूर बनाने लगे थे.
जब भैया घर पर नहीं रहते, तो भाभी मुझसे घर पर …