मेरे घर के सामने रहने वाली आंटी की अनतरवासना मेरे लंड ने कैसे शांत की. गरम चूत की कहानी में पढ़ कर देखें कि मैंने आंटी की चूत चुदाई कैसे की.
आपने मेरी अनतरवासना सेक्स कहानी के पहले भागदो आंटियों को चुदाई और औलाद का सुख दिया-1में अब तक जाना था कि नजमा आंटी मुझसे चुदने के लिए राजी हो गई थीं और मैं उनके घर में आ गया था.
अब आगे की गरम चूत की कहानी:
नजमा आंटी दरवाजे के पास ही खड़ी थीं. मुझे अन्दर खींचने के बाद आंटी ने बाहर झांक कर देखा कि कहीं किसी ने देखा तो नहीं है. फिर आंटी ने दरवाजा बंद किया और घूम गईं. अब उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और रूम में ले गईं.
मैं कमरे में आते ही पागलों की तरह उन पर टूट पड़ा. मैं उनके मम्मों और चिकनी गांड को निचोड़ निचोड़ कर मसल रहा था.
वो भी चुत से गीली हो गई थीं. खुद भी कामुक होकर आंटी मेरी गर्दन पर चाटने में लग गईं. मेरा लौड़ा लोवर पर से दबाने लगीं.
मेरे साथ ये सब पहली बार हो रहा था. मुझसे कंट्रोल ही नहीं हुआ और मैं झड़ गया. फिर भी मैं उनको चूसता मसलता रहा. मैं उनकी चुत को दबाने लगा. वो भी हांफ रही थीं. शायद आंटी भी झड़ गई थीं. मैं अब भी आंटी के पेट मम्मों और बगलों को लगातार चूसते जा रहा था.
एक मिनट बाद आंटी भी मेरे लौड़े को लोअर के ऊपर से फिर से दबाने लगी थीं. उनके …