यह कहानी एक भाभी की कामुकता की कहानी है, सेक्स से भरपूर है.
रात के आठ बजे थे, बहुत दिन हो चुके थे वंदना भाभी ने बल्लू से ठुकवा कर चुदाई नहीं करवाई थी. उसका पति वीजू भी घर में ही था इसलिए वह ज्यादा गुस्सा हो रही थी और उसने बल्लू से बात करने लिए दुकानदार को फोन लगवाकर बल्लू को बुलाया.वंदना भाभी- हैलो … बल्लू को बुलाएंगे क्या एक बार?उधर से आवाज आई- आप कौन बोल रही हैं?वंदना भाभी- बोल देना कि वंदना का फोन है.
दुकानदार ने बल्लू को बुलाने के लिए एक लड़के को भेजा.लड़के ने कहा- बल्लू सेठ, किसी वंदना का फोन है आपके लिए.
बल्लू ने जो काम था, वो बाजू मे रख कर तुरंत जाकर फोन लिया- हैलो भाभी, बोलो?वंदना भाभी- बल्लू कहां पर हो तुम, मेरी याद आती है या नहीं?
बल्लू- ओह जानेमन, तुम्हें कैसे भूल सकता हूँ मैं. बिस्तर पर जब भी जाता हूं तुम्हारे बदन की वो याद और महक लेकर ही सोता हूं, तुम ही हो जो मेरे सपनों में आकर हमेशा वो नॉटी वाली तकलीफ दे कर मेरी नींद हराम कर देती हो.वंदना भाभी- सच्ची बल्लू, मेरे नॉटी बल्लू… गुन्डाराज … मैं भी …