कहानी के इस भाग में पढ़ें कि कैसे मैंने चाची की गांड मारी. चूत चुदाई के बाद मैंने चाची को गांड मरवाने को कहा तो वे गांड मराई के दर्द से डर रही थी.
दोस्तो, मैं भास्कर एक बार फिर से अपनी पड़ोसन हेमा चाची की चुदाई की कहानी में आपका स्वागत करता हूँ.पिछले भागपड़ोसन चाची को वीर्य से नहलायामें आपने अब तक पढ़ा था कि मैंने चाची की चुत चाटकर उनको फिर से चुदाई के लिए गर्म कर दिया था. इस बार मेरे मन में उनकी गांड मारने का विचार था.
अब आगे:
मैंने हेमा चाची की चूत को चाटते चाटते चौड़ा दिया और अपनी जीभ को हेमा चाची की चूत के छेद में अन्दर तक घुसाते हुए चाटा.इससे चाची ‘आह्ह्ह … आह्ह्ह्ह …’ करने लगीं.
मैंने मूड बना लिया था कि अब तो मैं हेमा चाची की गांड को ऐसा चोदूंगा कि उनकी चीखें निकलवा दूंगा. मगर चाची की मर्जी के बिना उनकी गांड मारना संभव नहीं था. मैं पहले उनकी चुत में लंड पेल कर उन्हें मस्त कर देना चाहता था.
मैंने अपने खड़े लंड को हेमा चाची की चूत के ऊपर पीटा.तो हेमा चाची कामुकता से बोलीं- जल्दी अन्दर डालो भास्कर … अब …