पड़ोस में रहने वाली एक सेक्सी भाभी की मोटी चूचियां और गोरा रंग देख मैं उसकी चुदाई के ख्वाब देखने लगा. भाभी की चुदाई करके मैंने अपने लंड की प्यास कैसे बुझाई?
मेरा नाम महेश है। यह मेरी पहली कहानी है। यह उस समय की बात है जब मैं 24 साल का था और पुणे में रहता था। मेरे घर में मां-पापा और मैं रहते थे. हमारे पड़ोस में एक और परिवार रहता था. परिवार में एक पति-पत्नी और एक बच्चा था जो दो साल का था.
वह पड़ोसन 32 के करीब की थी. मैं उसको भाभी कह कर बुलाता था. गोपनीयता के कारण मैं यहां पर उनका नाम नहीं बातऊंगा. वह बहुत ही खूबसूरत थी. उसका फीगर 38-30-36 का था. रंग से एकदम गोरी थी. मैं अक्सर उनके घर जाया करता था.
दोपहर के वक्त में ज्यादातर भाभी अकेली ही रहती थी. दरअसल मैं जब भी उनको देखता था तो उनके सुडौल बदन को देख कर मेरा मन बहकने लगता था. मैं उसके बदन के हर एक अंग को कपड़ों के बाहर से ही नापने की कोशिश करने लगता था.
मेरा मन भाभी को नग्न अवस्था में देखने का था. उनके बारे में सोचते ही मेरे लिंग में तनाव आ जाता था और जब तक मैं अपने लिंग को हस्थमैथुन करके रगड़ नहीं लेता था तब तक मेरा लिंग मुझे चैन से नहीं रहने देता था.
एक दिन की बात है कि मुझे बर्फ की आवश्यकता थी. मेरे घर में बर्फ नहीं थी. मैंने सोचा कि भाभी के यहां से ले …