वो देसी भाभी अपने पति से तिस्कृत थी, मुझसे प्यार पाना चाहती थी. मानसिक भी और शारीरिक भी. मैंने उनको कैसे खुशी दी?
मैं विक्की एक बार फिर से अपनी सेक्स कहानी में आपका स्वागत करता हूँ. पहले भागचुदाई के साथ मानसिक सुख की कामना- 1अब तक आपने पढ़ा कि मैडम मेरी बांहों में थीं और उनकी मदमस्त चूचियां मेरी धड़कनें बढ़ा रही थीं.
कुछ देर के बाद मैंने उनकी गर्दन के पीछे एक किस किया. तो वो सिहर सी गईं. उन्होंने भी मुझे मेरी गर्दन पर चूमा और मेरे कान में हल्की सी फुसफुसाहट की.
मैडम- बस तुम इसी तरह थोड़ी देर मेरी गले लगे रहो … मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.
वो शायद अपनी आंखें बंद किए हुए थीं और मुझे महसूस करने में लगी थीं.
कुछ देर बाद हम दोनों अलग हुए और एक दूसरे को देखने लगे. मैंने भी उन्हें इस तरह से देखा, जैसे वो मेरा बिछड़ा हुआ प्यार हों.
अब आगे:अब कॉफी तो लगभग ठंडी होने को थी.मैंने उनसे कॉफ़ी की तरफ इशारा किया तो हम दोनों ने अपने अपने कप उठा लिए. जल्दी ही कॉफी खत्म कर ली और हम लोगों ने बातें स्टार्ट कर दीं.
अब वो मेरे साथ चिपक कर बैठी थीं. मैं उन्हें अपनी बांहों के घेरे में लिए बैठा था. वो …