सेक्स इन बस का मजा मैंने अपने दो बॉस के साथ लिया. दोनों ने जैसे चाह मेरे तीनों छेदों का इस्तेमाल किया. मुझे भी इस खेल में खूब आनन्द आया. आप पढ़ कर आनन्द लें.
यहाँ कहानी सुनें.
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कहानी के पिछले भागस्विमिंग पूल में बॉस से चुद गयीमें आपने पढ़ा किमैं और दीपक निढाल हो बिस्तर पर लेट गए, जाने कब मेरी आंख लग गई।
जब आंख खुली तो दीपक मेरी चूत चूस रहे थे … मेरी टांगें फैला कर उसने अपना चेहरा मेरे जन्नत द्वार में दिया हुआ था, मैं भी उसके मुख मैथुन का लुत्फ उठा रही थी।आँखें बंद कर मैं भी जन्नत की सैर करने लगी।
दीपक ने मेरी गांड में उंगली करते हुए चूसना जारी रखा।मेरी टांगें कांपने लगी, बदन अकड़ गया और मैं झड़ने लगी।
दीपक को ये अच्छा मौका दिखा, उसने मुझे कुतिया बना दिया और अपना खड़ा लौड़ा मेरी चूत में पेल दिया।इस आसन में लंड और ज्यादा चूत की दीवारों से रगड़ खा रहा था।
अब वो मेरी गांड पकड़ कर मुझे लगातार तेजी से चोद रहे थे।
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मैं कामुक आहें भरती, अपनी जवां चूत और दीपक के मोटे लौड़े के मज़े में खोई थी।दीपक मेरे कंधे पकड़ अपनी ओर खींचते हुए पीछे से धक्के देने लगे।
उन्होंने मेरे दोनों हाथ पीछे कर पकड़ लिए और हर धक्के के साथ वो मुझे अपनी ओर खींचते … लंड जो आम तौर पर पूरा अंदर …