देसी लंड चुत की कहानी में पढ़ें कि मेरी चाची गाँव में अकेली थी तो मुझे बुला लिया. मैं तुरंत गाँव के लिए निकल गया क्योंकि मुझे उनकी चूचियों को चूसने में मजा आता है.
दोस्तो, कैसे हो आप लोग, मैं आशा करता हूँ कि आप सभी लोग अच्छे होंगे. यह देसी लंड चुत की कहानी मेरी छोटी चाची सरिता की है. यदि आप लोगों ने मेरी पहले की सेक्स कहानीचाची को चोदापढ़ी होगी, तो आप सरिता चाची के बारे में आप जानते होंगे.
जो नए पाठक हैं उनके लिए अच्छा होगा कि वो मेरी दूसरी कहानियों को पढ़ लें ताकि आपको इस देसी लंड चुत की कहानी को पढ़ने में पूरा मजा आए.
तो हुआ यूं कि एक दिन चाची ने फोन किया और बोलीं- अंकित यदि समय हो तो कुछ दिन गांव आ जाओ. तुम्हारे चाचा एक या दो दिन गांव में नहीं रहेंगे. वो अपने दोस्त के साथ बाहर जा रहे हैं.
मैंने तुरन्त हां बोल दिया. सरिता चाची को मुझसे चुदवाने में अच्छा लगता था. मुझे भी उनकी चूचियों के दूध को चूसने में मजा आता था … क्योंकि चाची अभी भी दुधारू माल हैं. मतलब सरिता चाची की चुचियां अभी भी दूध देती हैं.
मैंने चाची से कहा कि चाची मैं आऊंगा, तो तुम्हें जमकर पेलूंगा.चाची ने कहा- हां हां …