वासना से मेरी हालत अब ऎसी हो गई थी कि मैंने राजशेखर के बांहों को जोर से पकड़ रखा था और बीच बीच में खुद से अपने चूतड़ों को उठा कर उसे चोदने का न्यौता दे रही थी.
अब तक की इस ग्रुप सेक्स स्टोरी के पिछले भागखेल वही भूमिका नयी-10में आपने पढ़ा कि रमा और रवि से उनकी उत्तेजना सहन नहीं हुई और उन दोनों ने किरदारों की भूमिका पेश किए बिना ही एक बड़ा ही जबरदस्त सम्भोग किया.अब आगे:
अब राजशेखर निर्मला और मैं बच गए थे. देखा जाए तो हम तीनों ही उत्तेजित लग रहे थे. रमा और रवि अब तक सुस्ता कर तरोताजा दिख रहे थे.
फिर रमा ने कहा- चलो अब जिनकी बारी है … वो बिस्तर पर आ जाएं.
सबसे पहले निर्मला और राजशेखर बिस्तर पर गए और जैसा कि प्रतिदिन की एक तरह की कामक्रीड़ा से ऊब चुके लोग केवल औपचारिक रूप से संभोग करते हैं, वैसा दर्शाने लगे.
जहां राजशेखर को बदलाव की इच्छा थी, वहीं निर्मला संतुष्टि की अपेक्षा रखती थी. इसी वजह से दोनों का यौनजीवन बहुत उबाऊ हो चुका था. इसी संदर्भ में आखिरकार दोनों एक नतीजे पर पहुंच गए थे.
पहले तो दोनों ने ऐसा दिखाया, जैसे सोने से पहले कोई काम था, वो कर लिया हो. राजशेखर अपने लिंग को हिलाते हुए निर्मला से अपना लिंग चूसने को कहने लगा. पर निर्मला ने मना कर दिया. फिर जैसे तैसे उसे लिटा कर राजशेखर निर्मला के ऊपर चढ़ कर संभोग शुरू करने को हो गया. राजशेखर का लिंग अब तक की काम क्रीड़ा देखकर पहले से ही खड़ा था, इसलिए वो …