This story is part of the Sanjha Bistar, Sanjhi Biwiyan series
राज ने ऊपर उठकर कुमुद की चूत में अपने लण्ड को पेलने की गति बढ़ाई और अब वह तेजी से अपनी भाभी को चोदने लगा।
अब कुमुद भी अपनी गाँड़ उठा कर अपने देवर का लण्ड पूरा अपनी चूत में घुस सके ऐसे इरादे से उसका साथ दे रही थी।
जैसे जैसे राज की चोदने की फुर्ती बढ़ती गयी वैसे वैसे कुमुद की कामुकता भरी सत्कारियाँ भी बढ़ने लगीं।
कुमुद की चूत में हो रहे कम्पन का राज भी अनुभव कर रहा था, क्यूंकि राज के लण्ड को कुमुद की चूत ने इतना सख्ती से जकड रखा था की कुमुद की चूत में होती थोड़ी सी कम्पन भी राज के लण्ड को महसूस होती थी।
और कुमुद की चूत में कप्म्पन इतनी ज्यादा हो रही थी की न सिर्फ राज का लण्ड बल्कि राज का पूरा बदन कुमुद की चूत की कम्पन के कारण एक अजीब रोमांच और आवेग से मचल रहा था।
राज ने फुर्ती से कुमुद को चोदना शुरू किया और नजर घुमा कर देखा, तो कमल भैया भी उसकी बीबी रानी की चूत में अपना लण्ड तेजी से पेले जा रहे थे।
जैसे कोई स्टीम इंजन का पिस्टन …