अब तक की मेरी इस सेक्स कहानी के दूसरे भागपुराने साथी के साथ सेक्स-2में आपने पढ़ा कि सुरेश मेरे साथ सम्भोग कर रहा था. मैंने उसकी सम्भोग क्षमता का अंदाजा लगा लिया था कि ये बिस्तर में सम्भोग के खेल में बहुत जबरदस्त पारंगत है. उसने मुझे झड़ने पर मजबूर कर दिया था. मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थी.
अब आगे:
तभी मेरी एक तेज ‘आआइई … उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ आवाज निकली और बस मेरी योनि से रस की फुहार छूट पड़ी. मैं थरथराने लगी और अपनी योनि को लिंग पर धकेलते हुए उसके सीने पर गिर पड़ी. मैंने उसे पूरी ताकत से पकड़ लिया और अपने चूतड़ों तब तक हिलाती रही जब तक कि मेरा सारा रस न निकल गया.
मेरे शांत होते ही उसने नीचे से अपने चूतड़ों को उछालना शुरू कर दिया. पर मेरे वजन के कारण उससे उतना जोर नहीं लग पा रहा था. उसने जोर लगा कर मुझे पलट दिया और मेरे ऊपर आ गया. मैं पेट के बल हो गयी थी इसलिए उसने जल्दी से तकिया लिया और मेरे पेट के नीचे रख कर मेरे चूतड़ों को थोड़ा ऊपर उठा दिया. मेरे दोनों चूतड़ों को फैला कर जांघों के बीच आकर तेज़ी से लिंग मेरी योनि में घुसाने लगा.
मेरे मोटे चूतड़ और कम ऊँचाई की वजह से उसका लिंग मेरी योनि में गहराई तक नहीं जा रहा था. उसने धक्के मारते हुए मुझे अपनी तरफ खींचना और सही जगह पर लाने की कोशिश करनी शुरू कर …