मुझे मेरी सौतेली मां पालकर बड़ी किया. मगर फिर एक दिन मुझे कुछ ऐसा पता चला कि उसके बाद मैं भी इसका हिस्सा बन गयी. क्या थी वो सच्चाई?
हैलो फ्रेंड्स.मैं अंकिता हूं. एक बार फिर आपके लिए अपनी एक और स्टोरी लाई हूं.
आज की कहानी शुरू करने से पहले आपको बता दूं कि इससे पहले भी मेरी कहानी प्रकाशित हो चुकी है. जो पाठक नये हैं वो मेरी पिछली कहानीमां-बेटी ने चुद कर चलाया बिजनेसपढ़ सकते हैं.
आज मैं आपको बताऊंगी कि मेरी मां कैसी औरत है.जो पाठक पुराने हैं वो जानते होंगे कि मेरी मां बहुत ही चुदक्कड़ औरत है. वो इस हिन्दी सेक्स कहानी साइट पर अपनी चुदाई की कहानियां भी लिखती है.
कहानी लिखने का मेरा मकसद है उसे ये बताना कि जिस राह पर वो चल रही है, उसी को देखकर मैंने भी वो राह पकड़ ली है.जब वो मेरी कहानी पढ़ेगी तो उसको पता चलेगा कि बच्चे माता पिता को देखकर ही सब सीखते हैं.
अब मैं आज की बात शुरू करती हूं. दोस्तो, हम घर में दो बहनें हैं मगर सौतेली हैं. अंजलि हमारी मां है और वो मेरी सौतेली मां है. जब मैं छोटी थी तो मेरी सगी मां चल बसी थी.
उसके बाद मेरे पापा ने अंजलि मां से शादी कर ली. उसके साथ उसकी एक बेटी भी थी. पापा ने भी उसकी बेटी को अपनी बेटी ही मान लिया.
पापा की दूसरी शादी हमारे परिवार वालों को रास नहीं आई और परिवार ने पापा से बोलचाल बंद कर दी. अब हमारी अंजलि मां ही हमारे लिये परिवार के जैसी थी. …