चाचा के साथ अनोखी रात-4 (Chacha ke sath anokhi raat-4)
July 16, 2025Last Updated: July 16, 2025
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This story is part of the चाचा के साथ अनोखी रात series
हेलो दोस्तों आपने मेरी पिछली कहानी पढ़ कर बहुत अच्छा रिस्पॉन्स दिया। इसलिए आज मैं आगे की कहानी लेकर आया हूं। अब आगे-
मैं एग्जाम ओवर करके चाचा (संजय) के साथ उदयपुर के लिए 4 बजे जयपुर से बस से निकल गया था। पूरे रास्ते चाचा ऐसे व्यवहार कर रहे थे, जैसे कल कुछ हुआ ही ना हो। एक जगह बस किसी ढाबे पर रुकी। तब सब नीचे चले गए। तो मैं बड़े गुस्से में बोला.
मैं: जब आपको पता था कि आप मुझे लेकर साथ आओगे, तो मुझे सुबह क्यूं नहीं बताया? मुझे कितना रोना आ रहा था, आप चले जाते तो…
चाचा (बड़े प्यार से): तो क्या बाबू, क्या होता फिर? मेरे जाने से इतना गुस्सा कि तुम रोने ही लग गए। ऐसा क्यूं बाबू, बोलो?
मेरा पास इसका कोई जवाब ही नहीं था, कि क्या बोलूं। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, कि मेरे साथ ये क्या हो रहा था।
चाचा: तुम मेरी जान हो बाबू। क्यों टेंशन ले रहे हो? सब तुम्हारे लिए ही कर रहा हूं। घर पहुंच कर विधि आगे शुरू करेंगे। अबकी बार तो और भी मजे आएंगे बाबू। …