फ्रेंड्स लव फक सेक्स स्टोरी में दो लड़कों और एक लड़की की घनिष्ठ मित्रता है. तीनों आपस में खूब खुले हुए हैं पर GF – BF या सेक्स वाली कोई बात नहीं है. पर बाद में क्या हुआ?
मेरा नाम प्रशांत मलिक है और मैं गुड़गांव का रहने वाला हूँ. मैं 23 वर्ष का हूँ और बॉडी भी काफी अच्छी है.
मैं अपनी स्नातक की पढ़ाई के बाद बैंकिंग और अन्य कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूँ.मेरे साथ मेरे कॉलेज के दो दोस्त भी तैयारी कर रहे थे.
एक का नाम था अभिनन्दन … और दूसरी लड़की थी, उसका नाम पूर्णिमा था.
अभिनन्दन उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ज़िले का रहने वाला था और यहां दिल्ली में आकर पढ़ाई कर रहा था.पूर्णिमा दिल्ली से कुछ दूर होडल नाम के एक शहर की रहने वाली थी लेकिन बैंकिंग की तैयारी के लिए गुड़गांव में पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थी.
हम तीनों काफी गहरे दोस्त थे क्योंकि हम तीनों की मंज़िल एक ही थी; हम साथ में एक ही कोचिंग में पढ़ते थे, शाम में एक ही लाइब्रेरी में पढ़ाई करते थे.
सिर्फ मेरा घर गुड़गांव में है तो मैं ही अपने घर से तीनों के लिए खाना लाता था.हम सब साथ में बैठ के लंच करते थे, घूमने जाते थे.
अभिनन्दन और पूर्णिमा कई बार मेरे घर भी आते थे, नाईट स्टे करते थे.हम साथ में खूब मस्ती करते थे.
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हमारी इतनी गहरी दोस्ती की वजह से हमारे घर वाले भी एक दूसरे के परिवार को जान गए थे और हम बिल्कुल ही परिवार जैसे हो गए थे.हमने कभी भी एक दूसरे के प्रति किसी अन्य रूप से नहीं सोचा था.
अभिनन्दन भी दिखने में और बातचीत में काफी अच्छा था और बहुत ही अच्छे परिवार से था.
पूर्णिमा एक बहुत ही बड़े परिवार से थी. उसके पिता होडल में एक बहुत बड़े व्यवसायी थे, उनकी कई दुकानें थीं.
लेकिन वो ज़रा पुराने ख्यालात के थे. उन्हें हमारे दोस्ती से कोई ऐतराज़ नहीं था लेकिन जब भी पूर्णिमा मेरे घर रूकती थी, वो घर में झूठ बोलती थी.
यहां पर पूर्णिमा के विषय में बताना बहुत ज़रूरी है. पूर्णिमा जैसी लड़की मैंने आज तक नहीं देखी.वो बला की खूबसूरत थी, नशीले हुस्न की मालकिन थी.
लेकिन उससे भी कई ज़्यादा वो अच्छे स्वभाव की लड़की थी.उसे अपनी खूबसूरती का लेशमात्र भी घमंड नहीं था.
उसके कपड़े पहनने का तरीका भी काफी आकर्षक था. वो काफी स्टाइलिश और महंगे कपड़े पहनती थी.अगर वो चाहती तो वो आराम से मॉडलिंग या फिर एक्टिंग लाइन में जा सकती थी लेकिन उसके सपने ही अलग थे.
मैं और अभिनन्दन उसे कभी दोस्ती के अलावा किसी अलग नज़र से नहीं देखते थे.ना उसका कोई बॉयफ्रेंड था … और ना ही हम दोनों की कोई गर्लफ्रेंड थी.
अब हुआ यूँ कि मार्च 2020 में कोरोना वायरस का कहर बरपा और मानो पूरी दुनिया ही ठप हो गयी.
कोचिंग बंद हो गयी, लाइब्रेरी बंद हो गयी.यहां तक कि अभिनन्दन और पूर्णिमा के मकान मालिकों ने भी उन्हें अपने घर में रखने से मना कर दिया.
होडल यहां से 85 किलोमीटर ही दूर था, तो पूर्णिमा के परिवार वाले उसे अपने गाड़ी से आकर ले गए.अभिनन्दन को मेरे माता पिता ने अपने घर रुकने को कह दिया क्योंकि गोरखपुर जाना मुमकिन नहीं था.तो अभिनन्दन मेरे घर …