नमस्कार दोस्तों आपका अपना दीप पंजाबी एक बार फेर आपकी सेवा में एक नई कामुक फ्री सेक्स स्टोरीज हिन्दी चुदाई कहानी लेकर हाज़िर है। सो उम्मीद करता हूँ, पिछली कहानियो की तरह इसे भी ढेर सारा प्यार दोगे। सो आपका ज्यादा वक्त जाया न करते हुये, सीधा आज की कहानी पर आते है। जिसमे आप पढ़ेंगे के कैसे एक भतीजे ने अपनी चाची के साथ सुहाग दिन मनाया।
मेरा एक पड़ोस में मित्र है। जिसका नाम प्रदीप है। हम स्कूल टाइम से ही हमेशा साथ में ही खाते, पीते, खेलते और पढ़ते आये है। पढ़ाई के बाद मेरी शादी हो गई और प्रदीप आगे की पढ़ाई के लिए अपने किसी रिश्तेदार के पास शहर चला गया। कई साल बाद वो इंजीनियरिग का कोर्स करके वापस गांव आया हुआ था।
एक दिन मैं बिजली का बिल भरने, बिजली घर गया हुआ था। वहाँ पर प्रदीप भी मुझसे पहले लाइन में खड़ा था। लाइन बड़ी होने की वजह से मैं उसे अपना बिल पकड़ा कर, खुद उसके वापस आने का बाहर इंतज़ार करने लगा। कुछ ही देर बाद वो बिल भरकर बाहर आया। हम दोनों बाइक से एक होटल की तरफ चल दिए।
वहां बैठकर हमने कुछ देर आराम किया और खाया पिया और काफी समय दूर रहने की वजह से ढेर सारी बाते करी।
ये कहानी उसी ने ही बातो बातो में बताई। सो आगे की कहानी उसी की ही ज़ुबानी…
नमस्कार मित्रो मेरा नाम प्रदीप, उम्र 30 साल, श्री मुक्तसर साहिब, (पंजाब) का रहने वाला हूँ।
मेरे पिता जी राज मिस्त्री का काम करते है। उन्होंने काम काज के लिए बहुत से लड़के लेबर के तौर पे रखे हुए है। उनमे से मेरे पड़ोस में एक लड़का जगदीश (32), जो रिश्ते में मेरा चाचा लगता है, वो भी एक मिस्त्री है। उसकी शादी को लगभग 15 साल हो गए है। उसकी पत्नी रेखा यानि की मेरी चाची एक हॉउस वाइफ है। उसकी उम्र यही कोई 30 साल होगी। वो दो बच्चों की माँ भी है। उसे मैं चाची की बजाये आंटी ही कहता हूँ।
अक्सर पड़ोस के होने की वजह और पापा के साथ काम करने की वजह से, कई बार चाचा …