अभी तक मेरी फ्री क्सक्सक्स कहानी के दूसरे भागखेल वही भूमिका नयी-2में आपने पढ़ा कि मैं नेता के साथ काल गर्ल बन कर सम्भोग कर चुकी थी. मुझे देख कर बाकी के मर्द भी गर्म हो उठे थे. नेता के जाने के बाद रमा के मित्रों ने मेरे साथ सम्भोग करना चाहा. इस पर रमा ने मुझे वेश्या के जैसे ही बने रहने को कहा और अभी राज को गुप्त रखने को कहा. मेरी मदमस्त जवानी से लट्टू होकर कमलनाथ मेरे साथ सम्भोग करने लगा था.अब आगे:
अब तक के संभोग में मेरे भीतर भी वासना की चिंगारी आग बन चुकी थी और मन में चरम सुख पाने की तीव्र इच्छा होने लगी थी. मैं जल्दी से उसकी गोद में बैठ कर लिंग को योनि में प्रवेश कराते हुए उसकी गोद में उछल उछल कर संभोग को आगे बढ़ाने लगी.
मैंने खुद को उसके कंधों को पकड़ कर खुद को सहारा दिया और अपने घुटने मोड़ कर ऐसे धक्के देने लगी कि उसका लिंग ज्यादा भीतर जाए.
कमलनाथ ने मेरे चूतड़ों को पकड़ लिया और मुझे धक्के लगाने में सहायता करने लगा. साथ ही बारी बारी मेरे स्तनों का दूध भी पीने लगा. उसे बहुत ज्यादा आनन्द आ रहा था और मुझे भी और मैं भूल ही गई थी कि कोई और भी हमें देख रहा है.
मुझे धक्के लगाते हुए अब 5 मिनट होने को चले थे. कमलनाथ के भी आव भाव बता रहे थे कि अब वो जल्द ही झड़ने वाला है.
जैसे जैसे धक्के बढ़ते जा रहे थे, हम दोनों सिसकारी भरते हुए तेज़ सांस लेने लगे थे. मैं इतनी तेज धक्के मारने लगी कि कमलनाथ समझ गया कि मैं भी झड़ने वाली हूँ.
एक औरत को झड़ते देख कर किसी भी मर्द को अपनी मर्दानगी पर गर्व होता है. यही सोच शायद उसकी उत्तेजना दुगुनी हो गई.
मैं बस और धक्के मारते हुए कमलनाथ से पूरी ताकत से चिपक गई और अपने चूतड़ उछाल उछाल कर ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ करते हुए झड़ने लगी. मुझे झड़ती देख …