देसी बुर कीचुदाई स्टोरी में पढ़ें कि चाची ने मुझे चुदाई के लिए गाँव बुलाया था. रात भर मैंने चाची की चूत गांड मारी. फिर सुबह को उठ कर मैंने क्या किया?
दोस्तो नमस्कार.मेरी देसी बुर कीचुदाई स्टोरी के पिछले भागगाँव वाली चाची ने बुलाया- 1में आपने पढ़ा कि मैं अंकित यादव अपनी चाची को चोदने के लिए उनके गांव गया हुआ था. चाचा जी गांव से कहीं बाहर गए हुए थे.
रात को चाची की लेने के बाद मैं सुबह से उनको खोजता हुआ जानवरों वाले बाड़े में गया तो चाची झुक कर काम कर रही थीं. उनकी गांड मुझे लुभाने लगी थी.
अब आगे देसी बुर कीचुदाई स्टोरी:
मैं चाची के पास गया और पीछे से उनकी गांड को सहलाने लगा.
चाची ने पलट कर मुझे देखा और मुस्कुराते हुए बोलीं- अच्छा … सुबह सुबह ही … तुमने मुझे रात भर पेला है न!तो मैं बोला- सरिता डार्लिंग, मैं सुबह बिस्तर छोड़ने से पहले एक बार चूत को पेल कर ही छोड़ता हूँ. जब मेरे लंड को चूत की जरूरत थी, तुम थी ही नहीं. बस अभी तुम इसी तरह रहो, मैं एक बार तुम्हें पेल लूं.
मैंने चाची की साड़ी ऊपर की और अपना लंड चूत के पास ले जाकर एक ज़ोरदार झटका दे मारा.
चाची की हल्की सी आह निकल गयी.
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