प्रिय पाठको, इस अजीबोगरीब सेक्स कहानी के पिछले भागछोटी और बड़ी की चुदाई का राज-2में आपने पढ़ा कि मैं बड़ी की चुत पेल रहा था.
अब आगे:
मैं बड़ी की चुत पेलने में लगा था, तो छोटी ने कुटिल मुस्कान बिखेरते हुए अपनी चूत को अपने बड़ी बहन के मुँह के ऊपर रखी और उसके मम्मों को आटा की तरह गूंथने लगी. फिर उसने हट कर उसके मम्मों पर आक्रमण कर दिया. छोटी एकदम से किसी जंगली बिल्ली की तरह बड़ी की चूचियों पर झपटी थी. वो कभी काट रही थी, तो कभी चूस रही थी. बड़ी के नीचे चुत में मैं दनादन शॉट मारे जा रहा था.
फच फच, फच फच की आवाजें लगातार निकल रही थीं. अब बड़ी भी अपने चरमोत्कर्ष पर आ रही थी, मेरे साथ साथ वो भी नीचे से धक्के पर धक्का लगा रही थी.
फिर एक तेज आवाज के साथ अंगड़ाई लेते हुए बड़ी निढाल हो गयी. उसी के साथ मेरा फव्वारा भी निकल गया. मैंने एक धार में वीर्य को छोड़ते हुए उसकी चूत को भर दिया.
मेरा लंड कभी भी इतने देर तक खड़ा नहीं रह पाता था, स्खलन के बाद तो एकदम से नहीं, पर आज वह अभी भी रणक्षेत्र में अकड़ के साथ खड़ा था. मैं आश्चर्य से …