मेरी गांड की खुजली के कारण मैं अपने चोदू दोस्त से मिलने गोदाम में पहुंच गया जहां वो काम करता था. वहां एक अंकल भी थे. मेरी गांड की प्यास बुझी या नहीं?
दोस्तो, मैं प्रेम शर्मा आपको अपनी कहानी का अंतिम भाग बता रहा हूं. पिछले भागगांड मरवाने का नशा- 2में मैंने बताया कि कैसे मेरे दोस्त राजेश ने मुझे पहली बार शराब पिलाई और जमकर मेरी चार बार चुदाई की.
वैसे तो मेरी और राजेश की कम ही मुलाकात होती थी लेकिन जब होती थी तो जबरदस्त होती थी. उस दिन राजेश के कहने पर मैंने पहली बार शराब पी. जो मज़ा उस दिन लिया वैसा पहले कभी नहीं लिया.
उस रात हम सोये नहीं. राजेश ने मेरी चार बार गांड बजाई वो भी जबरदस्त तरीक़े से. इतनी जोर से कि सुबह गांड में जोर की जलन हुई. राजेश फिर उठा और फ्रेश होकर तैयार हो गया. उसे अपने काम पर जाना था.
उसके लंड से चुदी मेरी गांड में एक दो दिन तक जलन होती रही. फिर वो जलन खुद ही मिट गयी लेकिन चुदने की प्यास फिर उठने लगी. फिर गांड मराने की खुजली चालू हो गयी.
राजेश की फिर याद आने लगी. मेरी जिंदगी में राजेश अब बहुत मायने रखने लगा था. अब उससे मिलने का बहुत मन करने लगा था. उसका गोदाम मेरे घर से एक किलोमीटर की दूरी पर था जहां पर वो काम किया करता था.
एक दिन संध्या के समय में मैं उससे मिलने के लिये गया. मैं साइकिल से जा रहा था. जब मैं पहुंचा तो वहां पर पांच गोदाम एक …