मेरे जीवन का पहला सेक्स गांड मरवाई का था. मैं पढ़ाई के लिए हॉस्टल में रहने आया तो वहां के वार्डन ने मेरा चिकना लड़की जैसा बदन देख कर मेरी गांड ली.
नमस्कार, मेरा नाम आशु शर्मा है. मैं एक गे (गांडू) हूं. आज मैं पहली बार अपनी सच्ची सेक्स गांड कहानी लिख रहा हूं. यह गे सेक्स कहानी ना सिर्फ मेरे साथ घटी सत्य घटना है, बल्कि मेरा पहला गांड सेक्स अनुभव भी है.
आगे बढ़ने से पहले मैं आपको कुछ अपने बारे में बता देता हूँ. मेरी हाइट 5 फुट 8 इंच है. मेरा वजन करीब 65 किलो है और मेरा बदन ना ज़्यादा मोटा, ना ज्यादा पतला है. मेरी मखमली नर्म नर्म गांड 34 इंच की एकदम गोल है. इसका मखमली छेद किसी भी मर्द की नियत डिगा सकती है.
मेरा स्वभाव बचपन से ही कुछ लड़कियों जैसा था, जिस वजह से लोग मुझे चिढ़ाया भी करते थे.
मैं राजस्थान के एक छोटे से गांव से हूं. हमारे गांव में 10 वीं के बाद इंग्लिश मीडियम स्कूल नहीं है. यह उन दिनों की बात है, जब मैं 18 साल का हो गया था और आगे की पढ़ाई करने के लिए मुझे पास के शहर में जाना पड़ा.
वहां जाकर मैंने एक प्राइवेट बॉयज हास्टल में रहने की व्यवस्था की. उस हॉस्टल में ज्यादातर आस पास के गांव से आए छात्र/ लड़के रहते थे. कुछ कॉलेज में पढ़ने आये थे और बाकी जॉब करने वाले थे.
मैंने उधर एक डबल रूम ले लिया. मेरा रूममेट फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा था और वो थर्ड ईयर में था. उसका नाम अंशुमन था. वो दिखने में काफी अच्छा और स्मार्ट था. अंशुमन मुझसे काफी फ्रेंडली भी हो गया था.
कुछ दिन …