मेरी इस गे सेक्स स्टोरी इन हिंदी में पढ़ें कि कैसे एक गांडू मास्टर मेरी क्लिनिक में आये अपने लंड का इलाज करवाने. उनका लंड देख मेरी गांड भी कुलबुलाने लगी.
गांड मराने का शौक रखने वाले मेरे सारे गे दोस्तों को मेरा प्रणाम, उनको भी जो माशूक चिकने लौंडों की गांड को अपने मस्त लंड के गांड फाड़ू धक्कों से फाड़ कर रख देते हैं.
गांड मराने का शौक भी दारू के नशे जैसा होता है. जब पी लेने के बाद उल्टी होती है, सुबह सर चकराता है या बीवी चढ़ बैठती है … तो बंदा सोचता है कि अब नहीं पियूंगा … कसम लेता हूँ. ऐसे ही जब कोई कसके गांड रगड़ देता है, या जब गांड मारने वाला कहता है कि मेरे दोस्त से भी मराना पड़ेगी.
और फिर गांड रगड़ाई से बुरी तरह चिनमिनाने लगती है, तो बंदा यही सोचता है कि अब गांड कभी नहीं मराऊंगा.
पर थोड़े दिन बाद जब कोई दोस्त मक्खन लगाता है, घुमाने ले जाता है … बार बार मनाता है कि यार पांच मिनट की तो बात है … पुरानी दोस्ती का तो ख्याल करो … अच्छा पहले मेरी मार लो. तो बंदा मान जाता है. कभी कभी उस लौंडे की, जो पटा रहा था … मारने के बाद अपनी रगड़वाने को …