मैं जवान हुआ तो मेरा मन करने लगा किसी लड़की की चुदाई का! सेक्स की प्यास बुझाने के चक्कर में मैं कामुकता से भारी चुदक्कड़ लड़की के चंगुल में ऐसा फंसा कि …
मेरी उम्र 21 साल है और मैं इंजीनियर की पढ़ाई कर रहा हूं. कॉलेज के तृतीय वर्ष में हूँ और पुणे में रहता हूं. जब मैं जवान हुआ तो बाकी लड़कों की तरह ही मेरा मन भी करने लगा कि मेरी एक गर्लफ्रेंड हो.
मैं भी किसी के साथ जिन्दगी बिताने के सपने देख रहा था. सोच रहा था कि कोई हो जिसके साथ मैं घूमने-फिरने के लिए जा सकूं, पार्टी कर सकूं और इन सबके साथ ही उसके साथ शारीरिक सम्बन्धों का आनंद भी ले सकूं.
जब मैं कॉलेज के द्वितीय वर्ष में था तो उसी समय से मेरे अंदर इस तरह की इच्छाएं प्रबल होना शुरू हो गई थीं. उस साल के शुरू से ही मैंने लड़कियों पर लाइन मारना चालू कर दिया था.
अपनी क्लास की हर लड़की को अप्रोच करने की कोशिश की. मगर हर बार मुझे निराशा हाथ लग रही थी. जिस भी लड़की को पटाने की कोशिश करता था वही मुझसे ‘भैया’ कह कर पीछा छुड़ा लेती थी.
कई बार ऐसा होने के बाद मैंने उम्मीद ही छोड़ दी थी. लगने लगा था कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड बन ही नहीं पायेगी जिसके साथ मैं भी कुछ मस्ती कर सकूं. वैसे भी जब लड़की ‘भाई’ कह देती थी तो मुझे भी लगता था कि किसी की भावनाओं को आहत करना अच्छी बात नहीं है.
फिर अचानक ही एकदिन मेरे जिन्दगी के सूखे मैदान में बेमौसम की बरसात हो गई. एक लड़की मुझे मिली. लड़की तो क्या, अगर मैं उसको डायन ही कहूं …