फ्रेंड की वाइफ की सेक्स कहानी में पढ़ें कि शादी के बाद भी पुरुषों को बाहरवाली का स्वाद चखने से मन नहीं भरता. मेरे दोस्त की शादी हुई तो उसकी बीवी पर मेरी नजर गई.
प्रिय पाठको, आप सभी को नमस्कार. मैं हूं आपका प्यारा ‘अन्नु’ (अनुराग अग्रवाल).
मेरी पिछली कहानीभाई की शादी में कुंवारी लड़की की बुर का मजाके बाद यह कहानी लिख रहा हूं. आशा है आप सबको पसंद आयेगी.
दोस्तो, यह कहानी मेरी और मेरे एक दोस्त की पत्नी की कहानी है. मैं उसको मेरी प्यारी चारू कहता था. जैसा कि आपको अंदाजा लग रहा होगा कि उस हसीन मस्त जवानी का नाम चारू है।
वो एकदम लाजवाब हुस्न की मलिका, लगभग 25 साल की सांवले रंग वाली, लम्बी-चौड़ी कद काठी व लम्बे काले बालों वाली हसीना थी. वो जब चलती थी तो अपनी गांड को उपर नीचे मटकाती हुई चलती थी और देखने वालों के लंड को खड़ा कर देती थी.
हम कॉलेज के तीन पक्के दोस्त थे- मैं, संदीप और अमित।हम दोस्तों में सबसे पहले मेरी शादी हुई थी. मेरी प्यारी पत्नी का नाम अंशु है. वो भी एक हॉट माल है।
उसकी कहानी भी आपको और कभी बताऊंगा. वो मुझे अपनी चूत का और गांड का मजा रोज देती है. यारो, उसकी चूत का नशा किये बिना तो रात को नींद ही नहीं आती.
जैसे लोगों को शराब का नशा होता है, ऐसा ही नशा होता है चूत का और मुझे भी बस यही नशा था- बस चूत ही चूत।इंसान की जिन्दगी में सेक्स का अत्यंत ही …