बेटे के लंड से चुदाई के बाद भी मैं विचलित थी. मैंने हिन्दी सेक्स कहानियां पढ़ीं. कई कहानियां मेरी कहानी जैसी थी तो मेरे विचार बदले. मैंने उसे सब कुछ सौंप देने का फैसला कर लिया.
मैं मीरा आज अपनी कहानी की सबसे रोचक जानकारी देने जा रही हूं. यहीं से मेरे जीवन या आप कह सकते हैं मस्तिष्क का परिवर्तन हो गया.
मैंने अपनी घटना को पिछले भागगलती किसकी-4में जहां खत्म किया था वहीं से शुरू करती हूं.
उस दिन आकाश मेरे लिए ब्रा-पैंटी के 4 सेट और 2 नाइटी लेकर आया था. उसने मुझे अपनी बहन यानि कि मेरी बेटी के सामने ही नंगी कर दिया. उसने मुझे पैंटी पहना कर और ब्रा भी पहना दी.
उसके बाद उसने मेरे हाथ में फोन थमाते हुए कहा- आज से यह फोन आपके पास ही रहेगा.फोन का तो मेरे पास कोई काम ही नहीं था. उम्र के इस मोड़ पर मुझे फोन की जरूरत नहीं महसूस होती थी. मेरे पास फोन में करने के लिए ऐसा कुछ था ही नहीं जो मेरे काम आ सके. न कोई बात करने वाला था.
फिर रात को खाना होने के बाद सब लोग सोने लगे. आकाश ने उस रात मुझे नंगी कर दिया. उसने कहा था कि आज वो मेरी चूत के बाल साफ करेगा.
मुझे नंगी करने के बाद वो मेरी चूत पर बाल साफ करने की क्रीम लगाने लगा. मैं थोड़ा बहुत विरोध कर रही थी लेकिन सोनिया ने मेरे पैरों को पकड़ रखा था और फैला रखा था.
आप …