This story is part of the अगर मुझसे मोहब्बत है series
पति हूं फिर भी उसके लंड का जूस मैं पिला दूंगा।
पराये मर्द से चुदने की खुशियाँ मैं दिला दूंगा।
अगर तुम चोदने वाले को सब अपनी शरम देदो।
अगर मुझसे मोहब्बत है मुझे सब अपने ग़म देदो।
मैंने देखा कि सूरज के गालों पर रीता की लिपस्टिक के कुछ धब्बे लगे हुए थे। वह रीता ने अपनी मर्जी से लगाए थे या सूरज ने जब रीता से जबरदस्ती की तब लगे थे। यह कहना आसान नहीं था। यह सच जानने के लिए मेरे मन में एक आइडिया आया।
मैंने गुस्सा होने का दिखावा करते हुए रीता से कहा, “यह तो बड़ी गलत बात है। तुम रुको। मैं जा कर सूरज को खींच कर अब सब के सामने घसीट कर उसकी पिटाई कर उसे जलील करता हूं। वह समझता क्या है अपने आपको? वह पैसे वाला है तो क्या वह हमारी पत्नी को छेड़ेगा, और हम चुप रहेंगे?”
यह कह कर मैं जैसे ही आगे बढ़ने लगा तो मेरी पत्नी रीता ने मेरा हाथ थाम कर मुझे रोका और कुछ खिसियानी सी शकल बना कर कुछ झुंझलाती हुई बोल पड़ी, “ऐसा कुछ भी मत करना। यह सही है …