हेल्लो दोस्तों आपका अपना दीप पंजाबी एक बार फेर आपकी सेवा में एक नई कहानी लेकर हाज़िर है। ये कहानी मेल के ज़रिये हमारी एक रीडर नेहा द्वारा भेजी गयी है। सो ज्यादा वक्त जाया न करते हुए सीधा कहानी पे आते है।
हलो दोस्तों कैसे हो आप सब ? सबसे पहले तो आपकी अपनी नई दोस्त नेहा गढ़वाल का प्यार भरा नमस्कार कबूल कीजिएगा। कहानी शुरू करने से पहले अपने बारे में विस्तार में बतादूं। मैं पंजाब के जिला बठिंडा की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 30 साल है और शादीशुदा हूँ। मेरे पति अशोक कुमार (32) बिजली विभाग में बतौर लाइनमैन है। हमारा एक 3 साल का बेटा करण भी है।
ये कहानी 2 साल पहले की है। जिसे पढ़कर आप बताना के आपको कहानी केसी लगी और अपने मुझे सुझाव भी मेल करना ।
हुआ यूं के हम दो बहने ही है, अर्थात के हमारा कोई भाई नही है, माता पिता की हम दो ही सन्ताने है। जिनमे मैं बड़ी नेहा और एक छोटी बहन काजल है। मेरी शादी हो चुकी है और छोटी अभी तक कुंवारी है और दसवी कक्षा में पढ़ रही है। मैं अपने पति अशोक के साथ अपने सुसराल में रह रही हूँ।
आप तो जानते ही हो के जीजा साली के रिश्ते में हंसी मज़ाक तो चोली दामन का साथ है। लेकिन हमारी कहानी में हंसी मज़ाक का कुछ और ही रूप बन गया। एक दिन ऐसे ही काजल हमारे घर हमसे मिलने आई । उस वक़्त मैं अपने बेटे करण के साथ घर पे अकेली थी और मेरे पतिदेव अपनी ड्यूटी पे गए हुए थे।
दोपहर का समय होने की वजह से मैं आराम कर रही थी। इतने में डोर बेल की आवाज़ से मेरी नींद टूट गयी और जैसे ही उठकर दरवाज़ा खोला तो सामने मेरी छोटी बहन काजल खड़ी थी। मैंने उसे गले लगाकर उसका स्वागत किया और अंदर बुलाकर वापिस दरवाजा बन्द कर दिया।
उसे सोफे पे बैठने का इशारा करके मैं किचन में उसके लिए पानी लेने चली गयी। उसने पानी पिया और साथ मे बैठकर घर का हाल चाल जाना। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे हैं।
गर्मी का मौसम तो था ही, सो मैंने उसे अपने बेडरूम में जाकर आराम करने को बोला और मैं उसके लिए चाय, खाने का इंतजाम करने लग गयी। करीब 30 मिनट बाद हम दोनों बहने खाने की …