This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series
हेल्लो, अब आगे की हिन्दी सेक्स कहानी पढ़िए और मजे लीजिये!
आरती समझ गयी की कमल भैया उसको ललचा फुसला कर चोदना चाहते थे। पर आरती की माँ ने आरती को घुमा फिरा कर यही कहा था की लड़की को अपना सर्वस्व सिर्फ अपने पति को शादी के बाद ही देना है।
आरती समझ गयी की माँ यह कह रही थी की लड़की को पहली बार अपने पति से ही चुदवाना चाहिए। भाभी से बात करने के बाद आरती के मन में चुदवाने की प्रबल इच्छा जाग उठी थी, पर दो कारणों से आरती नहीं चुदवा पायी।
पहला कारण यह की माँ ने मना किया था। दुसरा कारण यह था की आरती को चुदवाने का कोई मौक़ा ही नहीं मिला। आरती का कमल भैया को छोड़ और कोई लड़के से किसी भी तरह का सम्बन्ध या दोस्ती नहीं थी, जिससे उसे ऐसा कुछ मौक़ा मिले।
पर कमल की नजर आरती के ऊपर सटीक थी। आरती की युवानी पुर बहार खिली हुई थी। उसमें एक किशोरी से सरलता, एक युवती की चंचलता और एक औरत की मादकता थी। वह कोई भी कपडे …