देसी फैमिली सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं अपनी मौसी के घर गया तो मेरा मन बहकने लगा. सेक्सी मौसी को चोदने के लिये मैंने क्या किया? कैसे अपने लंड की प्यास बुझायी?
कैसे हो मेरे प्यारे पाठको? सभी के लौड़े फनफना रहे होंगे? पाठिकाओं की चूतों को भी मेरे लंड का सलाम। मेरा नाम दीक्षांत है. मैं उम्मीद करता हूं कि पाठिकाओं की चूत और चूचियों की मालिश हो रही होगी. अगर नहीं हो रही है तो अपनी चूत में उंगली करना शुरू कर दीजिये क्योंकि जल्दी ही आपकी चूत को मैं गर्म करने वाला हूं.
मेरी पिछली कहानी थी: भाभी की हवेली में चूत चुदाई
अपनी मौसी की चुदाई की स्टोरी के द्वारा सभी गर्म चूतों का मैं पानी निकालने की कोशिश करूंगा. इसलिए मैं अब ज्यादा समय न लेते हुए अपनी देसी फैमिली सेक्स कहानी शुरू करता हूं.
जाड़े का मौसम था. मैं अपनी मौसी के यहाँ जाने के लिए घर से निकल पड़ा. दिसंबर महीने में बाइक चलाने का अनुभव तो आप में से भी कईयों ने किया होगा.
ठंड में 40 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद जब मैं मौसी के पास पंहुचा तो ठंड के कारण मेरी हालत ख़राब हो रही थी. शाम के पांच बज चुके थे. अँधेरा होने लगा था.
मेरे पहुंचने पर मौसी ने मुझे गले से लगा लिया. चाय वगैरह पीने के बाद मैं आग के सामने बैठ गया ताकि बदन को थोड़ी गर्माहट महसूस हो सके. सर्दी के कारण मेरी कंपकंपी छूट रही थी.
अब आगे बढ़ने से पहले मौसी के बारे में …