This story is part of the Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din series
सुनीलजी से चुदवाते हुए भी सुनीता को जंगली कुत्तों की दहाड़ने की डरावनी आवाजें सुनाई देती थीं। सुनीता ने जब सुनीलजी से इसके बारे में पूछा तो सुनीलजी ने जस्सूजी से हुई बात के बारे में सुनीता को बताया।
सुनीलजी ने कहा, “जस्सूजी को शंका है की दुश्मन या आतंकवादियों के जंगली कुत्ते जिनको इंग्लिश में हाउण्ड कहते हैं उनको कुछ ख़ास काम के लिए तैनात किया हो, ऐसा हो सकता है। जस्सूजी को आशंका थी की हो सकता है की अगले दो या तीन दिनों में कुछ ना कुछ दुर्घटना हो सकती है…
पर मुझे लगता है की जस्सूजी इस बात को शायद थोड़ा ज्यादा ही तूल दे रहे हैं। मुझे नहीं लगता की दुश्मन में इतनी हिम्मत है की हमारी ही सरहद में घुसकर हमारे ही बन्दों को कैदी बनाने का सोच भी सके। यह आवाज जंगली भेड़ियों की भी हो सकती है।”
सुनीलजी की बात से सेहमी हुई सुनीता बिना कुछ बोले सुनीलजी के एक के बाद एक धक्के झेलती रही। सुनीलजी ने सुनीता की टांगें अपने कंधे पर रखी हुई थी। गाँड़ …