मेरी मोहब्बत आंटी की चुदाई का रास्ता साफ़ हो चुका था. आंटी मेरे सामने नंगी लेटी थी और मैं आंटी की चूत में अपना लंड घुसाने के लिए तैयार था.
अब तक मेरी आंटी की चुदाई की कहानी के पहले भागमेरी पहली मोहब्बत आंटी की चुदाई-1में आपने पढ़ा कि आंटी की चुदाई अब होने में कुछ ही देर बाक़ी थी.
मैं फिर उनको किस करने लगा और फिर प्रमिला आंटी उठी और कुर्ती भी निकाल दी। अब प्रमिला आंटी के बूब्ज़ मेरे सामने थे।उनके बूब्ज़ ज्यादा बड़े नहीं थे पर पता नहीं क्यूं मैं उनके बूब्ज़ का दीवाना था. पहली बार मुझे उनके बूब्स को चूमने का मौका मिला था।
आंटी ने मुझे लेटा दिया, खुद मेरे ऊपर आ गयी और मुझे किस करने लगी, मेरी जीभ को भी चूसने लगी.मैंने कहा- आपको तो अच्छा नहीं लगता था ये?तो वो बोली- तुमने मुझे मेरी चुत चूस कर इतना मजा दिया तो क्या मैं तुम्हारे लिये इतना भी नहीं कर सकती!यह कह कर प्रमिला आंटी फिर से मेरी जीभ को चूसने लगी. मैं उनके बूब्ज़ को मसल रहा था.
थोड़ी देर में आंटी फिर से गर्म हो गयी और कहने लगी- अब और इंतजार मत करवाओ।मैंने उन्हें बिस्तर पर लेटाया और मैं उनके ऊपर आ गया और बूब्ज़ को चूसने लगा. …