मेरे दोस्त ने एक कालगर्ल से मेरी बात करवा दी थी. वो मुझे एक होटल में ले गयी. हम दोनों कमरे में आ गए. उत्तेजना और घबराहट से मेरा बुरा हाल था. उस लड़की ने खुद पहल की.
मेरी सेक्स कहानी के पहले भागचूत चुदाई की हवस कॉलगर्ल से बुझी-1में आपने पढ़ा था कि मैं अपने दोस्त पंकज के कहने पर एक रंडी कल्पना के पास चुदाई करने के लिए एक लॉज के कमरे में गया.
उधर कुछ देर के बाद मैंने कल्पना के दोनों चुचों को हाथ में पकड़ लिया और दबाना शुरू कर दिया. कल्पना के मम्मे इतने बड़े थे कि मेरे हाथ में ही नहीं आ रहे थे. मैंने जोर से उनको मसला, तो कल्पना के मुँह से फिर से आह … की आवाज निकल गई.
अब आगे:
कल्पना ने भी मेरी शर्ट उतार कर मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मुझे किस करना शुरू कर दिया. मैं भी उसे जोर जोर से किस करने लगा.
तभी उसका एक हाथ मेरी पैंट के अन्दर चला गया और उसने मेरे लंड को पकड़ कर अन्दर ही मसलना शुरू कर दिया. मेरे लंड को पहली बार किसी औरत का हाथ छू रहा था, तो मेरे लंड ने पैंट के अन्दर ही उछल-कूद करना शुरू कर दी थी.
फिर मैंने उसके होंठों को छोड़ कर अपने हाथ को उसके पेटीकोट में डाला और उसकी गांठ खोल दी. उसका पेटीकोट नीचे गिर गया और उसकी नीले कलर की छोटी सी पैंटी मुझे दिखाई दी. …