आपके लिए पेश है देसी हिन्दी स्टोरी का चोथा एपिसोड, आशा है आप मेरी इस कहानी का मजा उठा रहे होंगे। कृपया अपनी प्रतिक्रियाए देते रहिये।
राज के जादुई हाथों, मेरी पेट की मालिश से मैं तड़पने के बाद एक बार तो गिव अप कर चुकी थी। मगर किसी तरह मैंने खुद को संभाला। पर वो फिर मेरी पीठ की मसाज करना चाहता था।
मैं एक बार फिर पलट कर उलटा लेट गयी और लेटते लेटते एक बार फिर अपने शर्ट के दोनों पल्लो को आगे से खोल कर साइड में फैला दिया।
मेरे मम्मे एक बार फिर से बिना कपड़ो के बिस्तर से चिपके थे। उसने मेरे दोनों हाथ नीचे शरीर के सहारे सीधे कर दिए।
उसने अब मेरी शर्ट की कॉलर पकड़ी और नीचे खिसका कर कंधो से निकाल कर थोड़ी नीचे कर दी। उसने अब मेरे दोनों कंधो को पकड़ कर दबाया। कंधे दबते ही बहुत रिलैक्स फील हुआ।
वो अब कंधो से लेकर गर्दन तक दबा दबा कर अच्छे से मालिश कर रहा था। उस सुकून भरी मसाज से मैं मदहोश होने लगी और आधी नींद में लेटी थी। मेरी आँखें बंद थी और थोड़ी थोड़ी देर में आंखें …