गाँव वाली चाची की चुदाई किये मुझे काफी समय हो गया था. जब मैं गांव गया तो मैंने मौका मिलते ही चाची को चोदा. उसके साथ ही एक और देसी चूत का तोहफा भी मिला.
कैसे हो दोस्तो, मैं अंकित एक बार फिर से आप लोगों के लिए बुर चुदाई की एक नयी कहानी लेकर आया हूं.
यह बात दीपावली की है जब मैं अपने गांव में दीपावली का त्यौहार मनाने के लिए गया हुआ था.
अपनी छोटी चाची की चुदाई किये हुए मुझे काफी समय हो गया था. मैंने पहले ही अपनी छोटी चाची को अपने आने के बारे में बता दिया था.
जब मैं गांव वाले घर में पहुंचा तो चाची उस समय घर पर अकेली ही थी. मेरे चाचा उस वक्त बाहर खेत पर गये हुए थे.
मैंने जाते ही सबसे पहले अपनी चाची को गले से लगाया.चाची मुझे देख कर खुश हो गयी. फिर शिकायत करते हुए बोली- इतने दिनों के बाद याद आई है तुझे अपनी चाची की?मैंने कहा- नहीं चाची, ऐसी बात नहीं है. आपकी याद तो बहुत आती थी लेकिन मुझे यहां पर आने के लिए समय ही नहीं मिल पा रहा था.
चाची बोली- ठीक है, तुम अंदर कमरे में चलो. मैं तुम्हारे लिये चाय बना कर लाती हूं.मैंने मजाक करते हुए कहा- चाची तुम भी दूध …