भाई बहन का सेक्सी खेल है इस कहानी में! मेरी दीदी चुदाई करवाने को आतुर हो रही थी पर वो बाहर के लड़के से चुदाई नहीं करना चाहती थी. उन्होंने मुझे कहा.
कहानी के पिछले भागमेरी बहन मुझसे चुदाई करवाना चाहती थीमें आपने पढ़ा कि
मैंने नसरीन आपा को अपने गले से लगा लिया और उन्हें चूमना शुरू कर दिया. मैं नसरीन आपा पर ऐसे टूट पड़ा जैसे मुझे कोई कोहेनूर का हीरा मिल गया हो.नसरीन आपा भी मुझे पूरे जोश के साथ मुझसे चिपटी जा रही थी.
अब आगे भाई बहन का सेक्सी खेल:
फिर मैंने नसरीन आपा के मुंह को सीधा किया, अपने होंठ नसरीन आपा के तपते हुए होंठों पर रख दिये और उनके होंठ चूसने शुरू कर दिए.
आपा के होंठ इतने मुलायम थे कि ऐसा लग रहा था जैसे होंठ मेरे मुंह ही रह जायेंगे.मैंने नसरीन आपा को अपने से चिपका रखा था और मैं उन्हें बेतहाशा चूमे जा रहा था.
मेरा एक हाथ नसरीन आपा के चूतड़ों को सहलाने में व्यस्त था तो दूसरे हाथ से मैं टीशर्ट के ऊपर से उनके बड़े बड़े बूब्स दबा रहा था.
इतने में नसरीन आपा ने मेरी टीशर्ट उतार दी और मेरे सीने को किस करने लगी.नसरीन आपा थोड़ा सा झुककर मेरे सीने को चाट रही थी तो मैंने आपा की टीशर्ट उतार …