मेरी पत्नी मुझे सन्तान सुख नहीं दे पा रही थी. हमारे घरवाले बच्चा चाहते थे. मेरी बीवी के घरवालों ने एक अजब सुझाव दिया जिसमें मेरी पत्नी का सहयोग भी शामिल था.
मेरा नाम कुणाल राठौर है. मैं राजस्थान के एक छोटे शहर में रहता हूँ. बहुत जमीन जायदाद है तो उसी की आमदनी लाखों रूपये मासिक है जो जरूरत से ज्यादा पड़ती है तो मैं अपनी जायदाद की देखभाल ही करता हूँ.मैं अभी 32 साल का हो चुका हूं. मैं अपने मां-बाप का एकलौता बेटा था. मेरी बहन नहीं है. इसलिए घरवालों को मेरी शादी से काफी उम्मीदें थीं. उनके लिए वंश बेल को आगे ले जाने का एक मात्र ज़रिया मैं ही था. मेरी शादी नौ साल पहले यानि कि 23 साल की उम्र में हो गयी थी.
जिस घर में मेरा रिश्ता हुआ वो लोग पुराने जमाने में रजवाड़े हुआ करते थे तो काफी पैसे वाले हैं. मेरे ससुराल में उनका पूरा परिवार हर तरह की सुख-सुविधा से संपन्न है. मेरी बीवी की दो छोटी बहनें हैं अर्थात् मेरी दो साली भी हैं. मेरी बीवी का परिवार शुरू से ही रूढ़िवादी विचारधारा का परिवार रहा है.
शादी के पहले दिन यानि कि सुहागरात को ही मैंने अपनी बीवी की चूत को चोदना शुरू कर दिया था. मैं एक दमदार लंड का मालिक हूं और मेरे लंड के प्रदर्शन से मेरी पत्नी पहली ही रात में खुश हो गयी थी.
पहले महीने में तो मैंने हर रात बीवी की चूत चुदाई की. उसके बाद हफ्ते में दो बार सेक्स होता था. सब कुछ सही चल रहा था. 6 महीने के अंदर ही मेरी बीवी को गर्भ ठहर गया था.
गर्भ ठरहने के एक महीने बाद ही जब हम भ्रूण की सेहत जांचने के मकसद से चेक-अप के लिए गये तो पता चला कि भ्रूण जीवित नहीं था. मेरी पत्नी को सदमा लगा लेकिन मेरे परिवार वालों और मेरे ससुराल वालों ने उसको समझा दिया कि वो धीरज से काम …