हेल्लो दोस्तो, मैं अर्शदीप कौर उर्फ चुद्दकड़ आपके सामने अपनी चुदाई की एक गर्मा-गर्म कहानी लेकर हाजिर हुई हूं। मेरे बारे इप जानते ही हो आयु 23 साल, कद 5 फीट 7 इंच, रंग गोरा, आंखें एवं बाल गहरे काले, होंठ लाल, बूब्ज एवं गांड बडे़ बडे़ और गोल, पेट समतल, गहरी नाभि जांघे मोटी एवं मुलायम और बदन भरा हुआ एवं टाईट।बूब्ज़ के निप्पलों का रंग हल्का भूरा। देसी हिन्दी चुदाई कहानी
मैं बहुत चुद्दकड़ किस्म कई लड़की हूं, बहुत सारे लड़कों, शादीशुदा मर्दों और बुढ्ढों के लंड से अपनी चूत एवं गांड की प्यास बुझा चुकी हूं। मैं अब तक एक बार में 5 लड़कों के साथ एक बार में चुदाई की है। मुझे सेक्स और नशे की लत है और कई बार पैसे लेकर भी चुदाई की है। ये कहानी मेरे और मेरे पापा के बीच हुई सेक्स की कहानी है लेकिन एक बात साफ कर देना चाहती हूं ये सच्ची कहानी नहीं है सिर्फ मेरी कल्पना है क्योंकि मैंने कभी अपने पापा से सेक्स नहीं किया। मैंने उनको अपनी मम्मी के अलावा और औरतों से भी चुदाई करते देखा है।
उनके जिस्म के बारे सब पता है।और उनके लंड का साईज भी पता है, जब अकेले होती हूं तो अक्सर पापा से चुदाई के बारे सोचती हूं लेकिन कभी मौका नहीं मिला और न मिलने की संभावना है। मैं अपनी कल्पना में पापा से कैसे चुदाई करती हूं वो आगे पेश कर रही हूं उम्मीद है आप को पसंद आएगी। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।
मेरे पापा का नाम जसवंत है और उनकी आयु 44 साल है। पापा का रंग काफी गोरा और कद 5 फीट 10 इंच है। पापा का चेहरा क्लीन शेव और बहुत सेक्सी है। पापा का जिस्म एकदम फिट और सुडौल है। पापा की आंखें और बाल गहरे काले रंग के हैं। पापा के सेक्सी क्लीन शेव चेहरे से लाली झलकती है। उनका सेक्सी चेहरा, सुडौल जिस्म, सेक्सी स्टाईल देखकर औरतें पापा से चुदने केलिए बेताब हो जाती हैं।
मेरे पापा भी बहुत चोदू किस्म के हैं, पापा बहुत सारी लड़कियों और औरतों को चोद चुके हैं। मैंने कई बार मम्मी-पापा की चुदाई देखी है और पापा का लंड भी देखा है। मम्मी के अलावा हमारी पडो़सन फातिमा भाबी, पापा के साथ बैंक में काम करने वाली शबनम दीदी, बैंक कैशियर अनीता आंटी, मेरी टीचर रजिया भाबी और पापा की सगी बहन किरन बुआ को पापा से चुदाई करते हुए मैंने अपनी आंखों से देखा है। बुआ से पापा की चुदाई देखते समय मुझे मालूम हुआ कि पापा मुझे भी चोदना चाहते और मैं भी पापा से चुदाई करना चाहती हूं लेकिन हम दोनों ही एक दूसरे से कह नहीं पाते।
मैं हमेशा पापा को हसरत भरी नजरों से देखती हूं और पापा मुझे। जब पापा अपनी सेक्सी नजरों से मेरा बदन निहारते हैँ तो मेरे तन मन में आग लग जाती है और पापा से चुदाई को बेताब हो जाती हूं। लेकिन पापा को बोल नहीं पाती फिर किसी और मर्द से अपनी चुदाई की आग शांत करती हूं। मैंने पापा के …