अनचुदी बूर की चोदाई कहानी में पढ़ें कि पड़ोस की दो बहनें मुझसे चुद चुकी थी. मैं तीसरी वाली की चोदाई का विशेष इच्छुक नहीं था पर जब सामने से कुंवारी चूत चल कर आये तो …
अनचुदी बूर की चोदाई कहानी के पिछले भागकोरोना बाबा का प्रसाद- 2
में आपने पढ़ा कि रात में दो बार चुद कर पड़ोस वाली लड़की शैली भोर में ही अपने घर चली गई.
दोपहर में मेरे खाने की थाली लेकर आई तो मुझसे बोली- जीजू, नमिता दीदी भी आपके साथ …मैंने कहा- नमिता तो जब आयेगी तब आयेगी, फिलहाल तुम तो आओ.यह कहकर मैंने शैली को पकड़ लिया और ड्राइंग रूम में सोफे पर गिरा कर चोद दिया.
शाम को शैली ने कॉल करके पूछा- आज रात को दीदी आना चाहे तो?“वो हमारी साली साहिबा हैं, उनका स्वागत है.”
रात को ग्यारह बजे नमिता आई, मैंने दरवाजा खोला तो नजरें झुकाये खड़ी थी.
मैं उसे लेकर ड्राइंग रूम में आ गया. फ्रिज से पेप्सी की बॉटल व दो गिलास लेकर मैं उसके साथ बैठ गया. मैंने पेप्सी में व्हिस्की मिला रखी थी.दो गिलास पेप्सी मतलब दो पेग व्हिस्की अन्दर हो गई तो मैं नमिता को लेकर बेडरूम में आ गया.
कोल्ड क्रीम की शीशी व कॉण्डोम का पैकेट बेड पर रखकर मैंने अपनी …