मैंने बहू की कमर पकड़ अपनी तरफ खींचा तो वो एकदम चौंक गयी. मैंने अपने होंठों को बहू की तरफ किया तो उसने आँखें बंद कर ली. मेरे होंट बहू के होंठों से टकराये ही थे कि …
कहानी का पिछला भाग: शहर की चुदक्कड़ बहू-5
मैं बहू की जांघें सहलाये जा रहा था और बहू को देखकर लग रहा था वो भी गर्म हो रही थी.बहू बोली- डैडी जी, रानी को कब पटा लिया आपने?मैंने कहा- जब यहाँ आया था उसके अगले दिन बाद मैंने उसे 1000 रुपये दिए और वो मान गयी.
बहू बोली- डैडी जी, मैंने कभी सोचा नहीं था आप इस उम्र में भी इतने रंगीन मिजाज होंगे.मैंने कहा- बहू, सिर्फ सर के बाल सफ़ेद हुए हैं, जवानी अभी भी लड़कों वाली है.
बहू हंसने लगी.
मैंने कहा- बहू, एक बात पूछूँ तुमसे?बहू बोली- हाँ डैडी जी!मैं बोला- बहू, तुम्हारी शादी को इतना टाईम हो गया तुमने अभी तक बच्चा क्यों नहीं किया? क्या मेरे बेटे में कोई कमी है?बहू बोली- …