चचेरे भाई की साली से मेरे रिश्ते की बात चली तो मैं नाखुश था. लेकिन जब मैंने लड़की देखी तो मन में सोचा कि अगर शादी करूंगा तो इसी से वरना जिंदगी भर कुंवारा रहूँगा।
मेरा नाम मयंक सिंह, उम्र 28 साल है, मैं उत्तराखंड के पर्वतीय जिले में रहता हूँ, मैं अन्तर्वासना का 2007 से नियमित पाठक हूँ। मेरी कहानी की शुरुआत होती है जून 2012 से, जब मैंने अपनी स्नाकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर अपना एक निजी व्यवसाय खोला.
व्यवसाय चल निकला घर वालों ने मेरे लिए रिश्ते खोजने शुरू कर दिये थे। परन्तु मैं अभी शादी के चक्कर में नहीं पड़ना चाहता था क्यूंकि मेरे साथ प्यार में पहले भी धोखा हो चुका था. परन्तु वो प्यार नहीं केवल छोटी उम्र का एक लगाव था, जो ज्यादा दिन टिक नहीं पाया।
माता जी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण घर वालों ने मुझे लड़की देखने भेज दिया।लड़की जिसने हाल ही में स्नातक दूसरे साल में एडमिशन लिया था और मेरे रिश्ते में मेरे भाई साली लगती थी. लड़की की बड़ी दीदी से मेरे कजिन भाई की शादी हुई थी. लड़की को मैं पहले से जानता था परन्तु वो उस समय काफी छोटी थी। मैंने मन ही मन यह सोच दिया था कि लड़की को देखकर ना बोलना है।
जून 2012 को जब मैंने सिम्मी (लड़की का नाम) को 4 साल बाद देखा तो देखता ही रह गया. सिम्मी उस समय 19 साल की जवान लड़की हो गयी थी। पतली कमर, लंबे काले बाल, काली आंखें, मनमोहक चेहरा, गोरा बदन और प्यारे पिंक लिप्स, हाइट लगभग 5 फिट 5 इंच, गाल बिल्कुल …