हैलो दोस्तो, सभी पाठकों को अर्शदीप कौर उर्फ चुद्दकड़ अर्श का सलाम, अदाब, प्रणाम और नमस्ते। मैं एक बार फिर से अपनी गर्मा-गर्म चुदाई की लंड खडे़ कर देने वाली कहानी लेकर हाजिर हुई हूं। पिछली क्सक्सक्स हिन्दी स्टोरी हिन्दी चुदाई कहानी में मैंने ट्यूशन प्रोफेसर के साथ अपनी पहली चुदाई के बारे में बताया था कि कैसे मेरी पहली चुदाई हुई थी।
उसके बाद मुझे असली लंड से चुदाई का ऐसा चस्का लगा कि अब मुझे हर अच्छे मर्द को देखकर चुदने का दिल करने लगता। अब किसी भी लड़के, अधेड़ उम्र के मर्द या किसी बुढ्ढे को देखती तो मेरा ध्यान सब से पहले उसकी लंड वाली जगह जाता। मैं मन ही मन उसके लंड की कल्पना करने लगती और चुदाई करने को दिल करता।
मेरे दिमाग में हमेशा चुदाई का भूत चढ़ा रहता जो शनिवार रात को कुछ देर केलिए शांत होता। मर्दों को देखकर मेरी चाल अपने-आप सेक्सी हो जाती और मैं चूतड़ मटका मटका कर चलती। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जब मर्द मेरे बदन से छेड़खानी करते तो मुझे बहुत मजा आता और मैं उनके छेड़खानी करने देती। उस टाईम बहुत दिल करता यहीं चुदाई कर लूं लेकिन भीड़भाड़ में ऐसा संभव नहीं था। प्रोफेसर के साथ असली चुदाई के बाद मैंने लाज शर्म उतार कर बहुत दूर फेंक दी थी।
प्रोफेसर के साथ चुदाई से पहले हम पोर्न मूवी जरूर देखते थे। बहुत सी मूवीज में दो या तीन लड़के या कई कई लड़के मिलकर एक लड़की को चोदते। मेरा भी बहुत दिल करता कि ग्रुप में चुदाई करूं। लेकिन जगह न होने की वजह से नहीं कर पा रही थी। अब प्रोफेसर अपने बेटे के पास विदेश चला गया लेकिन मेरे अकाऊंट में इतने पैसे जमा करवा गया कि मुझे नशे के लिए चोरी न करनी पडे़। नशे की लत तो प्रोफेसर के पैसों से पूरी हो जाती लेकिन चुदाई की लत परेशान कर रही थी। यह कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।
मेरी परीक्षा खत्म हो गई थी और मैं अपने मामा के घर मिलने गई। मामा ने नया घर बनाया था एक नई क्लोनी में। मामा के घर मामी ही थे क्योंकि उनकी शादी को अभी दो साल हुए थे। अभी दो साल और बच्चा करने की इच्छा नहीं थी। मामा की आयु 27 साल और मामी की आयु 25 साल थी। अभी उस क्लोनी में सिर्फ मामा …