सभी पाठकों से निवेदन है की मेरी देसी हिन्दी स्टोरी पढ़ कर अपनी प्रतिक्रिया कमेंट्स में ऐसे ही लिखते रहिये।
रात को देर से सोने के कारण मैं सुबह देर तक सोती रही। नौ बजे आँख खुली तो बाथरूम से पानी की आवाज़ आ रही थी। मैंने सोचा मौसी अंदर नहा रहे होंगे। मैंने उठकर रात को जो कपडे जल्दबाजी में बेग में ठुसे थे उनको सही से समेटकर रखने लगी।
थोड़ी देर में मौसी बाथरूम से बाहर आये और मुझसे कहा तुम भी जल्दी से नहा धो लो, थोड़ी देर में विवाह कार्यक्रम शुरू हो जायेंगे, मैं अभी तैयार होकर बाहर उनकी थोड़ी मदद के लिए चली जाउंगी, तुम तैयार हो जाना। मैंने हां में सर हिलाया और बाथरूम का रुख किया।
नहाते वक़्त भी रह रह कर पिछली रात के ख्याल ही आ रहे थे। ऐसा कुछ सोचा नहीं था, पता नहीं वो सब कैसे हो गया। आधे घंटे बाद मैं बाहर आयी और शादी के लिए कपडे और गहने पहन कर तैयार हो गयी। मौसी मेरे लिए एक नाश्ते की प्लेट भी रख कर फिर चले गए थे। मैंने नाश्ता कर अपना श्रृंगार करना शुरू किया।
मौसी कमरे में आये और कहा चले हॉल में …