मैं अपने दोस्त की बहन को अपनी बहन मानता था. वो भी मुझे अपना भी मानती थी. वो शादीशुदा थी. उसने मुझे मिलाने बुलाया और रसगुल्ले लाने को कहा. मैं गया तो क्या हुआ?
“हैलो, कहाँ पहुंचे हो?”“आपकी मार्केट में पहुंचने वाला हूँ, भाई को भेज दीजिये।”“ठीक है तुम्हारे बोलने से पहले ही मैंने उसे भेज दिया है जल्दी से आ जाओ. और हाँ रसगुल्ले लाना मत भूलना।”“क्या बात करती हो दीदी … यह भी कोई भूलने वाली बात है आपके बोलने से पहले ही मैं ले चुका हूँ।”“अच्छा जी, इसीलिए तो मैं कहती हूँ कि तुम मेरे सबसे अच्छे भाई हो।”इतना बोलकर दीदी ने फोन कट कर दिया।
आज काफी दिनों के बाद मैं अपने फ्रेंड के घर जा रहा था। उसकी बहन मुझे बिल्कुल अपने सगे भाई जैसा मानती है। परिवार इतना अच्छा है कि उनके मम्मी पापा भी मेरी तारीफ किया करते हैं।दीदी की शादी हुए 7 साल हो चुके हैं उनके दो बच्चे भी हैं। लेकिन दीदी इतनी खूबसूरत और स्लिम हैं कि उनको देखकर कोई यह भी नहीं कह सकता कि उनकी शादी हो चुकी है।मेरे फ्रेंड की दीदी के साथ भले ही लड़ाई होती हो लेकिन दीदी की …