This story is part of the Meri Didi Ki Garam Jawani series
प्रिये मित्रों,
रिया और मै दोनों नग्न अवस्था में ही थककर सो गए, रात के १०:३० बजे दोनों को गहरी निद्रा सो गये थे। तो हम दोनों बिना खाना खाए ही बेड पर निढाल हो गए। फिर देर रात तकरीबन ०१:०० बजे मेरी नींद खुली, तो मेरा लंड मुरझाया हुआ था।
और दीदी करवट लिए सो रही थी, कुछ देर तक मै उनको घूरता हुआ उनकी पीठ और चूतड़ को सहलाता रहा। फिर दीदी ने चित होकर आंखें खोली और वो बोली।
दीदी – क्या कर रहे हो जानू, बहुत गर्मी लग रही है चलो स्नान करते है।
मैं दीदी के स्तन को पुचकारते हुए बोला – हां चलो ना, साथ में स्नान करेंगे फिर खाना भी खाना है।
तो रिया मेरे साथ वाशरूम घुसी, फिर हम दोनों झरने के नीचे जमीन पर बैठ गए। झरने से पानी दोनों के बदन पर गिर कर बदन को गीला कर रहा था। रिया और मै दोनों आमने सामने अपने चूतड़ को जमीन पर रखकर आराम से बैठे हुए थे, तो दीदी मेरे छाती को सहला रही थी और मै उसके मुलायम चूची को दबा रहा …