मैंने कामुकता से भरी एक जवान लड़की की चुदाई उसी के घर में उसके उकसाने पर की. वो मेडिकल स्टोर पर काम करती थी और बहुत सीधी सादी लगती थी.
मेरा नाम विजय है मैं गुरुग्राम (गुड़गांव) का रहने वाला हूं। मैं एक स्नातक बेरोज़गार हूं मुझे गोपनीयता के साथ सेक्स करना मुझे पसंद है.
मेरी कॉलोनी के अंदर ही एक छोटी सी शॉप है और उससे ही मैं अपना जीवन बसर करता हूं. लेकिन मेरे मम्मी की तबीयत ठीक नहीं रहती इसलिए उनके लिए मुझे हमेशा दवाई लेकर आनी पड़ जाती है। उनकी दवाइयां मैं हमेशा अपने घर के पास ही एक मेडिकल स्टोर से लेकर आता हूं।
एक दिन मैं दवाई लेने के लिए मेडिकल स्टोर में चला गया. मैंने उन्हें दवाई का पर्चा दिया. उन्होंने वह पर्चा लेकर उस पर लिखी हुई दवाइयां देखी.फिर उन्होंने कहा- कुछ दवाइयां आपको आज ही मिल जाएंगी और बाक़ी दवाइयां आपको दो दिन बाद उपलब्ध हो पायेंगी।मैंने उनसे कहा- लेकिन आप जरूर यह दवाई …